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जोंडला, अगस्त्यमुनि के समीप गुलदार का सफल रेस्क्यू, क्षेत्रवासियों ने ली राहत की सांस

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जोंडला, अगस्त्यमुनि के समीप गुलदार का सफल रेस्क्यू, क्षेत्रवासियों ने ली राहत की सांस

रुद्रप्रयाग: दिनांक 13 दिसंबर 2025 को रात्रि लगभग 10 बजे वन विभाग की टीम द्वारा जोंडला, अगस्त्यमुनि क्षेत्र के समीप एक गुलदार (तेंदुआ) का सफलतापूर्वक रेस्क्यू एवं ट्रैपिंग की गई। इस कार्रवाई से क्षेत्र में लंबे समय से बनी दहशत का माहौल समाप्त हुआ है तथा स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

उल्लेखनीय है कि लगभग एक माह पूर्व जोंडला (पाला मल्लि ग्राम) क्षेत्र में एक दुर्भाग्यपूर्ण मृत्युदर घटना में गुलदार की संलिप्तता की सूचना प्राप्त हुई थी। इसके पश्चात वन विभाग द्वारा मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में सतत निगरानी, गश्त एवं तकनीकी निगरानी उपाय लागू किए गए।

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वन विभाग की टीम द्वारा लगातार प्रयास करते हुए सभी निर्धारित मानक कार्यविधियों (SOPs) एवं वन्यजीव प्रबंधन प्रोटोकॉल का पूर्णतः पालन किया गया। रणनीतिक योजना के तहत पिंजरा स्थापित कर गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखी गई, जिसके फलस्वरूप 13 दिसंबर की रात्रि गुलदार को सुरक्षित तरीके से ट्रैप कर रेस्क्यू कर लिया गया।

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रेस्क्यू अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति क्षति नहीं हुई। पकड़े गए गुलदार को आवश्यक परीक्षण एवं आगे की कार्रवाई हेतु सुरक्षित रूप से वन विभाग के सुपुर्द किया गया है, ताकि विशेषज्ञों द्वारा नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की है कि वे वन्यजीवों से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना तत्काल विभाग को उपलब्ध कराएं तथा अफवाहों से बचें।

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वन विभाग द्वारा आश्वस्त किया गया है कि क्षेत्र में आगे भी निरंतर निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जाएगी, जिससे मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोका जा सके।

इस सफल अभियान में रेंजर एच.एस. रावत, योगेंद्र पुरोहित, वन रक्षक भूपेंद्र सिंह राणा, बीट अधिकारी जय वीर लाल एवं वन दरोगा सहित पूरी टीम की सक्रिय, सतर्क एवं समन्वित भूमिका रही।

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