Connect with us

हरिद्वार कुंभ-2027 की स्वच्छता व्यवस्था के लिए 115.61 करोड़ रुपये मंजूर, एनएमसीजी ने दी एकीकृत योजना को स्वीकृति

उत्तराखंड

हरिद्वार कुंभ-2027 की स्वच्छता व्यवस्था के लिए 115.61 करोड़ रुपये मंजूर, एनएमसीजी ने दी एकीकृत योजना को स्वीकृति

 

देहरादून, 11 जून। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) की कार्यकारी समिति की 70वीं बैठक में हरिद्वार कुंभ मेला-2027 के लिए प्रस्तावित “एकीकृत स्वच्छता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट तथा जनस्वास्थ्य प्रबंधन योजना” को मंजूरी देते हुए 115.61 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। यह परियोजना पूर्णतः केंद्रीय क्षेत्र के अंतर्गत संचालित की जाएगी।

इस योजना का उद्देश्य कुंभ मेले में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल सुविधाएं उपलब्ध कराना है। स्वीकृत परियोजना के तहत मेले में 13,915 शौचालय, 8,065 यूरिनल और 2,000 स्नानगृह स्थापित किए जाएंगे, जिससे स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सके।

यह भी पढ़ें 👉  एम्स ऋषिकेश में सतपाल महाराज का हालचाल जानने पहुंचे मुख्यमंत्री धामी…

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 4,840 कूड़ादान, 31.38 लाख लाइनर बैग, 491 अपशिष्ट संग्रहण वाहन, 2 ट्रैश बूम, 15 घाट सफाई मशीनें, 190 स्प्रेइंग मशीन एवं ट्रैक्टर, 55 फॉगिंग मशीनें तथा 30 घास काटने की मशीनों की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा कीटनाशक, पीपीई किट, प्राथमिक उपचार किट और सड़क सफाई के लिए आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी।

योजना के अंतर्गत अपशिष्ट प्रबंधन को वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने के लिए ट्रांसफर स्टेशन सुविधाओं, गैस आधारित शवदाह गृह तथा फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना का भी प्रावधान किया गया है। वहीं निगरानी एवं संचालन को आधुनिक बनाने के लिए क्लाउड आधारित डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा, जिससे स्वच्छता और जनस्वास्थ्य प्रबंधन की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी।

यह भी पढ़ें 👉  कई विकास परियोजनाओं को सीएम धामी ने दी मंजूरी…

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा स्वीकृत इस धनराशि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे हरिद्वार में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ मेले की स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जनस्वास्थ्य सेवाओं तथा निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।

यह भी पढ़ें 👉  अंबेडकर जयंती पर मुख्यमंत्री धामी ने दी श्रद्धांजलि…

मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित कुंभ का अनुभव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह योजना हरिद्वार कुंभ-2027 को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक आदर्श आयोजन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Continue Reading

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

Advertisement

Advertisement

Video Advertisement

ट्रेंडिंग खबरें

To Top