Connect with us

जोंडला, अगस्त्यमुनि के समीप गुलदार का सफल रेस्क्यू, क्षेत्रवासियों ने ली राहत की सांस

उत्तराखंड

जोंडला, अगस्त्यमुनि के समीप गुलदार का सफल रेस्क्यू, क्षेत्रवासियों ने ली राहत की सांस

रुद्रप्रयाग: दिनांक 13 दिसंबर 2025 को रात्रि लगभग 10 बजे वन विभाग की टीम द्वारा जोंडला, अगस्त्यमुनि क्षेत्र के समीप एक गुलदार (तेंदुआ) का सफलतापूर्वक रेस्क्यू एवं ट्रैपिंग की गई। इस कार्रवाई से क्षेत्र में लंबे समय से बनी दहशत का माहौल समाप्त हुआ है तथा स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

उल्लेखनीय है कि लगभग एक माह पूर्व जोंडला (पाला मल्लि ग्राम) क्षेत्र में एक दुर्भाग्यपूर्ण मृत्युदर घटना में गुलदार की संलिप्तता की सूचना प्राप्त हुई थी। इसके पश्चात वन विभाग द्वारा मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में सतत निगरानी, गश्त एवं तकनीकी निगरानी उपाय लागू किए गए।

यह भी पढ़ें 👉  ₹1096 करोड़ की योजनाओं को मुख्यमंत्री धामी की मंजूरी, शिक्षा से लेकर कुम्भ-2027 तक विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार…

वन विभाग की टीम द्वारा लगातार प्रयास करते हुए सभी निर्धारित मानक कार्यविधियों (SOPs) एवं वन्यजीव प्रबंधन प्रोटोकॉल का पूर्णतः पालन किया गया। रणनीतिक योजना के तहत पिंजरा स्थापित कर गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखी गई, जिसके फलस्वरूप 13 दिसंबर की रात्रि गुलदार को सुरक्षित तरीके से ट्रैप कर रेस्क्यू कर लिया गया।

यह भी पढ़ें 👉  बद्रीनाथ को ‘स्पिरिचुअल स्मार्ट हिल टाउन’ के रूप में विकसित करने की तैयारी, सीएम धामी ने दिए निर्देश…

रेस्क्यू अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति क्षति नहीं हुई। पकड़े गए गुलदार को आवश्यक परीक्षण एवं आगे की कार्रवाई हेतु सुरक्षित रूप से वन विभाग के सुपुर्द किया गया है, ताकि विशेषज्ञों द्वारा नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की है कि वे वन्यजीवों से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना तत्काल विभाग को उपलब्ध कराएं तथा अफवाहों से बचें।

यह भी पढ़ें 👉  आर्थिक अभाव नहीं बनेगा इलाज में बाधा, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों का होगा निःशुल्क उपचार: डीएम

वन विभाग द्वारा आश्वस्त किया गया है कि क्षेत्र में आगे भी निरंतर निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जाएगी, जिससे मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोका जा सके।

इस सफल अभियान में रेंजर एच.एस. रावत, योगेंद्र पुरोहित, वन रक्षक भूपेंद्र सिंह राणा, बीट अधिकारी जय वीर लाल एवं वन दरोगा सहित पूरी टीम की सक्रिय, सतर्क एवं समन्वित भूमिका रही।

Continue Reading

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

Advertisement

Advertisement

Video Advertisement

ट्रेंडिंग खबरें

To Top